भारतीय सैनिकों का दर्द हम कम से कम अपने दिल में उतार कर देश की सेना को सम्मान के नजरिए से देखें तो यह भी एक बड़ी देशभक्ति होगी। सीमा पर तैनात एक जवान का दर्द इस कविता में शामिल किया गया है।

युद्ध में जख्मी सैनिक साथी से कहता है:  
‘साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;  
यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना!  
इतने पर भी न समझे तो दो आंसू तुम छलका देना!!  
यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना!  
इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ दिखा देना !!  
यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, मस्तक तुम झुका लेना!  
इतने पर भी न  समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना!!  
यदि हाल मेरे पापा पूछे तो, हाथों को सहला देना!  
इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना!! 
यदि हाल मेरा बेटा पूछे तो, सर उसका सहला देना!  
इतने पर भी न समझे तो, सीने से उसको लगा लेना!!  
यदि हाल मेरा भाई पूछे तो, खाली राह दिखा देना!  
इतने पर भी न समझे तो, सैनिक धर्म बता देना!! ❣❣

Published by 🇮🇳Indian Army 💪Strength

Patriotism is a thing of the heart. A man is a patriot if his 💖heart 👊💥beats true to his country

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